लाखो की फसल बर्बाद, किसान रोने को मजबूर - Indian Public News
हाथरस, उत्तर प्रदेश (अमित पचौरी) - जनपद हाथरस के रसगंवा गांव में कुदरत का एक ऐसा कहर बरसा सारी गेहूं की फसल तहस-नहस हो गयी ! अब ऐसे में किसान आत्महत्या करें या फिर कुछ और जी हां बीते कुछ दिनों पहले बरसात एवं तूफान के कारण गेहूं की फसल खेतों में कुछ इस तरह लोटपोट हो गयी मानो किसी ने बिछोना कर दिया हो। किसान अपने खेतों में रात-दिन एक करके अपनी फसल को उगाता है ।
दाना पानी खाद देता है उसके बावजूद कुदरत एक झटके में सब को बिखेर कर रख देती है हमारे रिपोर्टर ने जब गांव का रुख किया तो खेतों की तरफ नजर घुमाई , देखते ही देखते पूरे खेत खेत में लेटे हुए एवं बिछे हुए मिले । ऐसे में किसानों ने बताया कि उनकी फसल ही पूरे साल की मेहनत होती है एवं वह अपनी फसल पर पूर्ण रूप से निर्भर होते हैं क्योंकि फसल के अलावा किसान के पास कमाई कोई अन्य जरिया नहीं होता । लेकिन अगर फसल ही बर्बाद हो जाए तो किसान ऐसे में क्या कर सकता है इसलिए फसल की बर्बादी के लिए सरकार को एक अहम कदम उठाना चाहिए ।
फसल बीमा योजना का लाभ हर किसान को मिलना चाहिए । ताकि आने वाले समय में किसान की आत्महत्या को रोका जा सके। गांव किसानो ने बताया कि खेतो की फसल को तहस-नहस होने के बाद उन्होंने जिला कृषि अधिकारियों को फोन किया है । जिसमें कृषि अधिकारियों ने उनको दिलासा देते हुए कार्य पर कार्रवाई करने की बात कही है।
रिपोर्टर
अमित पचौरी
हाथरस, उत्तर प्रदेश
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