पहले दिव्यांगों का लगाना पड़ता था दफ्तरों का चक्कर : प्रधानमंत्री - Indian Public News

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश (दुर्गेश विश्वकर्मा)  -   प्रयागराज में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिव्यांगों को उपकरण बांटने के बाद कोई राजनीतिक भाषण नहीं दिया। पीएम ने दिव्यांगों को होने वाली पहले की दिक्कतें फिर अपनी सरकार से मिलनेवाली सुविधाओं पर चर्चा की। कहा, पहले दिव्यांगों को दफ्तरों का चक्कर लगाना पड़ता था। पहले की सरकारों ने आपकी तकलीफ को जिस गंभीरता से सुनना चाहिए था उस पर ध्यान नहीं दिया।
हमने आपका साथी, सेवक बनकर, एक-एक दिक्कतों के बारे में सोचा और उन्हें दूर करने का प्रयास किया है। पहले की सरकारों में इस तरह के कैंप मेगा कैंप नहीं लगते थे। बीचे पांच साल में हमारी सरकार ने 9 हजार कैंप लगाए हैं।
कहा, साथियों आप वह समय याद करिए जब सरकारी इमारतों में जाने के लिए आपको दिक्कत होती थी। अब हमारी सरकार ने सुगम्य भारत अभियान चलाकर दिव्यांगों का जीवन सुगम्य बनाने का काम किया। सात सौ से अधिक रेलवे स्टेशन, एअरपोर्ट दिव्यांगों के लिए सुगम बनाई जा चुकी है। शेष को जोड़ा जा रहा है। नई इमारतों में पहले से ही ध्यान रखा जा रहा है कि दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल हो।

एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर अलग अलग भाषा की वजह से दिक्क्त होती थी। अब दिव्यांगों के कामन टाइम भाषा हो। इसका प्रयास हमारी सरकार ने ही किया। इसके लिए एक ट्रेनिंग सेंटर का उदघाटन होगा। अब इस भाषा को देश के हर प्रदेश का दिव्यांग समझ पाएगा।

कहा, पहले की सरकारों में दिव्यांग के प्रति अच्छी भावना नहीं थी। आने वाले समय में अगर प्रयागराज का दिव्यांग चेन्नई व पश्चिम बंगाल जाएगा तो उसे भाषा की दिक्कत नहीं होगी। हमारी करेंसी दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल बनाया गया है।


रिपोर्टर
दुर्गेश विश्वकर्मा
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश

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